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Baaki Hai..............

                                                            बाकी है... by Abhishek Tripathi


मेरी सांसो मे तेरी कुछ साँस बाकी है...
इन आँखों मे तेरे लौट आने की  आस बाकी है...
कैसे बयान करु  इस दिल की दीवानगी को...
मेरी इस धड़कन मे तेरा एहसास बाकी है....
तुझे इल्म नही इस बात का की  तू मेरा रहबर है...
तू ही मेरी चाहत है तू ही मेरा दिलबर है...
तेरे आँखों का जाम पी सकूँ अब वो प्यास बाकी है...
मेरी इस धड़कन में  तेरा एहसास बाकी है...
ए खुदा तेरा शुक्रिया तूने मुझे ये एहसास दिया...
इनायत तू सबको देता ह पर मुझे सबसे ख़ास दिया...
तेरी इबादत लिख सकूँ अब भी वो अल्फ़ाज़ बाकी है....
मेरी इस धड़कन में  तेरा एहसास बाकी है....
पहले वो रहती थी दिल मे अब उसकी याद रहती है...
मुस्कराए  वो हर घड़ी बस ये फरियाद रहती है...
यादों का वो  खजाना अब भी  मेरे पास बाकी है...
मेरे इस धड़कन मे तेरा एहसास बाकी है....
तेरी हँसी तेरी खुशी तेरी जो मुस्कान है...
वही मेरी ज़िंदगी है  वही मेरी जान है ..
इस प्यारी ज़िंदगी मे अब भी कुछ ख़ास बाकी है...
मेरी इस धड़कन मे तेरा एहसास बाकी है

Aur Teri Yaad Aati Hai....3 of 3

हर मंदिर और कथाओ मे ,हर संकट और बलाओं  में ,
जब कभी रक्षा धागे की बात आती है
और राखी के दिन भी अपनी सूनी कलाई  याद आती है,
तब बंद नाम आँखो मे भी एक तस्वीर दिखाई  देती है

          और तेरी याद आती है.

 "नम आँखे  भी नम ही  आँखो का ही सपना दिखती है
आरज़ू  तेरी डोली उठाने की,
एक ख्वाब तुझे दुल्हन देखने का ,
और इन नम आँखो की चाहत तेरी विदाई  की नम आँखे देखने  की

       जब ये कसक दिल के टुकड़े टुकड़े कर जाती है" ,
             और तेरी याद आती है.

ज़िंदगी यूँ कहने को तो बहुत बिज़ी है आज कल,
पर तेरा हर बात पे समझना और समझाना याद आता है,
तेरा हर बेवजह हसना और हर बे-वजह रोना याद आता है,

याद आती है तेरी सारी शैतानियाँ , कहानियाँ ,
और याद आता है वो लड़ना झगड़ना

और वो नुकीली नखोने के निशान याद आते है
और याद आते है वो रूठना मनाना
और मासूमियत से भारी तेरी सारी नादानियाँ  याद आती है

              और तेरी याद आती है.
               और तेरी याद आती है.

Aur Teri Yaad Aati Hai....2 of 3

जब राह मे कभी खाली माचिस  का Box नज़र आता है,
और बचपन मे वो Lem in खेलना ध्यान आता है,
और तेरे नन्हे से हाथो मे समेटी हुई ,
अपनी सारी जीती हुए बाजी याद आती है.

और तेरी याद आती है.

तेज धूप से बचने की कोशिश करती हुई  इन आँखो मे,
जब कभी अचानक Marbles की चमक पद जाती है,
तब रंग बिरंगे चमकीले Marbles से भारी Bottle को पकड़े हुए,
एक नन्ही सी लड़की की परछाई  ध्यान आती है.

और तेरी याद आती है.

थोड़े से हाल समाचार बताना सुनाना,
और उसी मे पूरे दिन भर की बात कह जाना,
हर एक छोटी मोटी Secret, Desire, Crime तुझसे Share हो जाना
और अचानक किसी दिन Chocolate खाने की ज़िद मे 
तेरा मुझे,ब्लॅकमेल करना याद आता है.
और तेरी याद आती है

इस बेरंग दुनिया मे जब कभी रंगो की बात होती है,
होली की हवा  मे लाल, पीले ,हारे रंग उड़ते दिखाए पड़ते है,
और उन उड़ते रंगो के बीच छोटी सी बच्ची का 
रंगो से रंगाधुँधला सा चेहरा नज़र आता है.
और तेरी याद आती है.............. (to be continued)

Aur Teri Yaad Aati Hai....1 of 3

 A Sea of Emotional Memoir being put into words by My Dearest Friend  Subhash Tamrakar  can't resist to share this. "Epic"....... Take a bow Subhash.....
                                             


                                         और तेरी याद आती है.

जब बादल काले होने लगते है ,
और बारीश चेहरे पे टपकती है ,
तब सिर छुपाने की इधर -उधर भागा दौड़ी मे,
तेरा स्कूल से घर तक का वो दौड़ना याद आता है.
              और तेरी याद आती है.

 इस पैसे कमाने की होड़  मे,
नोट गिनते गिनते जब कभी हाथ से
अचानक सिक्के टकरा जाते है, 
तब तेरा बचपन मे वो सिक्के इकट्ठे  कर के,
खनखनाना याद आता है.

            और तेरी याद आती है.

 Movie के बीच मे जब कभी जासूसी दिखाए देती है,
तब बचपन मे तेरी अपनी हर एक छोटी मोटी बात को,
एक Secret की तरह छुपाना और बताना याद आता है,

       और तेरी याद आती है

Office जल्दी जाने की कश्मकश में ,
और सामान निकालें की उलझन मे,
जब ड्रॉवर की साइड मे पड़ा
Tiffin Box नज़र आता है,
और घर से रुठ  के स्कूल Tiffin Box
नही  ले जाना ध्यान आता है
और वो  Half Time  पे
पेट में  चूहो का कूदना याद आता है,
तब ग्राउंड पे एक नन्ही सी लड़की 
2 डब्बे  लेके बैठी हुए दिख जाती है,
         और तेरी याद आती है...................(to be continued)